Achyutam keshvam

हम समय शम्भु के चाप चढ़े सायक हैं. हम पीड़ित मानवता के नव नायक हैं हम मृतकों को संजीवन मन्त्र सुनाते हम गीत नहीं युग गीता के गायक हैं

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तुम मिले तो यूँ लगा कि चाँदनी सी खिल गयी .

Posted On: 18 Sep, 2016 कविता,lifestyle,Hindi Sahitya में

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जिन्दगी की बाँसुरी को नव्य तान मिल गयी .
तुम मिले तो यूँ लगा कि चाँदनी सी खिल गयी .
-
काँपते हुए करों से जब तुम्हें प्रथम छुआ .
सिहरने लहर गईं ओ!यार जाने क्या हुआ.
निष्कलंक चाँद के चकोर नैन जब हुए .
तब लगा कि जिन्दगी है जिन्दगी नहीं जुआ .
तुम गले लगे तो लगा बिजलियाँ मचल गईं .
तुम मिले तो यूँ लगा कि चाँदनी सी खिल गयी .
-
प्रेम पीर की प्रतीत थी प्रत्येक पोर में .
मुक्त हृदय बह रहा था संग हर हिलोर में .
प्रस्फुटित हुए कमल हुए भ्रमर उतावले .
तेरे दिल की रोर सुनी अपने दिल के शोर में .
और प्यार की घिरी घटा बुझा अनल गयी .
तुम मिले तो यूँ लगा कि चाँदनी सी खिल गयी .
-
प्यार जब जगा प्रत्येक आवरण उलट गया .
डूब कर लगा कि जैसे आज मैं उबर गया .
समीकरण तुम्हारे संस्पर्श से सुलझ गये .
जिन्दगी की गीतिका का व्याकरण सँवर गया .
नेहताप से कठोर उरशिला पिघल गयी .
तुम मिले तो यूँ लगा कि चाँदनी सी खिल गयी .



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8 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sadguruji के द्वारा
September 27, 2016

सच्चे प्रेम के भाव से परिपूर्ण अतिसुन्दर कविता ! आदरणीय अच्युतम केशवं जी, बहुत बहुत बधाई ! अच्छी प्रस्तुति हेतु सादर आभार !

    achyutamkeshvam के द्वारा
    October 5, 2016

    आभार सर

PAPI HARISHCHANDRA के द्वारा
September 26, 2016

अच्युतम जी प्रथम मिलन का भावनात्मक अहसास,केसवम सा ओम शांन्ति कारक

Shobha के द्वारा
September 21, 2016

श्री अच्युत जी काफी समय बाद आपकी कविता पढ़ कर प्रतिक्रिया देने का अवसर मिला पहले तो लगता था अवसर मिलेगा ही नहीं अति भाव पूर्ण कविता दो तीन बार पढ़ीं बहुत ही भावुक पंक्तिया

    achyutamkeshvam के द्वारा
    October 5, 2016

    आभार जी

Jitendra Mathur के द्वारा
September 19, 2016

मर्म को स्पर्श कर गया आपका यह प्रेमगीत अच्युत जी । ऐसे उद्गार टिप्पणी के लिए नहीं वरन अनुभूति के लिए होते हैं । और अनुभूत वही कर सकता है जिसने कभी किसी को हृदय की गहनता से प्रेम किया हो अथवा किसी का पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण से युक्त प्रेम पाया हो ।

    achyutamkeshvam के द्वारा
    September 19, 2016

    आभार,आपके सुझाव से सम्पादित कर रहा हूँ ,सर धन्यवाद


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