Achyutam keshvam

हम समय शम्भु के चाप चढ़े सायक हैं. हम पीड़ित मानवता के नव नायक हैं हम मृतकों को संजीवन मन्त्र सुनाते हम गीत नहीं युग गीता के गायक हैं

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देशभक्ति आज बस इतिहास ही तो है

Posted On 5 Sep, 2016 Hindi Sahitya, Politics, कविता में

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देशभक्ति आज बस इतिहास ही तो है .
और सारा देश जिन्दा लाश ही तो है .
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कल लुटेरे थे विदेशी अब लुटेरे हैं स्वदेशी .
शेष सारी कौम इनकी दास ही तो है .
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आजादी जम्हूरियत ये कोर्ट संसद या सभा.
अशफाक़ का आजाद का उपहास ही तो है .
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स्वप्न का उद्देश्य का अपने भविष्यत का
देखते प्रत्यक्ष जो सब नाश ही तो है .
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कुछ राजनैतिक अश्व बाकी आप हम गदहे .
अरु गधों के भाग्य में बस घास ही तो है .
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सीट पै मोदी हों बैठे याकि मनमोहन जनाब
आपकी किस्मत में भूख और प्यास ही तो है .
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बेटियों की आबरू तक को बचा पाये नहीं .
क़ानून का शासन महज बकवास ही तो है .
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मैं भी हूँ मदहोश प्यारे आप भी मदहोश हैं .
बात फिर तहजीब की परिहास ही तो है .
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देश में सूखा हो चाहे भुखमरी नदियों में बाढ़ .
कह रही सरकार जब मधुमास ही तो है .
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पन्द्रह अगस्त क्या है बताओ हाथ दिल पै रख हुजूर .
एक झूंठी जीत का अहसास ही तो है .



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6 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

DEEPAK NIKUB के द्वारा
December 13, 2016

मित्र आपकी वैचारिकता अतुलनीय़ है….

    achyutamkeshvam के द्वारा
    December 14, 2016

    आभार मित्र

Jitendra Mathur के द्वारा
September 6, 2016

आज मुझे पता चला आदरणीय अच्युत जी कि आप एक श्रेष्ठ कवि ही नहीं हैं अपितु ग़ज़ल कहने में भी किसी प्रसिद्ध शायर से न्यून नहीं हैं । आपकी यह ग़ज़ल एक सामान्य भारतीय नागरिक की पीड़ा की सहज एवं सुस्पष्ट अभिव्यक्ति तो है ही, साथ ही ग़ज़ल विधा में एक नए प्रयोग सरीखी है । हिन्दी एवं उर्दू के शब्दों का ऐसा अद्भुद संगम प्रस्तुत करती हुई उत्कृष्ट ग़ज़ल मैंने दूसरी नहीं पढ़ी । इसे पढ़कर मैं द्रवित हूँ, अभिभूत हूँ, आपकी अद्वितीय प्रतिभा के सम्मुख नतमस्तक हूँ ।

    achyutamkeshvam के द्वारा
    September 10, 2016

    आभार सर जी

rameshagarwal के द्वारा
September 5, 2016

जय श्री राम आदरणीय अच्युतम केशवम जी आपकी कविता द्वारा भावनाए व्यक्ति करने का दूसरा कोइ शनी नहीं.आज़ादी के पहले गांधीजी ने कहा था की कांग्रेस को भंग कर दो नहीं तो आइल नेता अंग्रेजो से ज्यादा देश को लूटेंगे वही सच हुआ.दुसरे नेहरूजी के ब्लैकमेल ने सरदार को प्रधानमंत्री बनने से रोक दिया गया जिससे बहुत समस्याए आई.७० साल की गंदगी साफ़ करने में समय लगेगा इसलिए मोदी जी को कम से कम ५ साल देने चाइये देश को सेकुलरवाद ने बहुत नुकसां पहुंचाया और मीडिया भी बिक गया सुन्दर कविता के लिए आभार

    achyutamkeshvam के द्वारा
    September 10, 2016

    आभार


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